गुरुवार, 12 सितंबर 2024

ये सुन पगली

ये सुन पगली, ये सुन पगली ये सुन पगली, ये सुन पगली तूने घायल कर दिया, जब से मिले हैं हम दोनों, दिल मेरा खो गया। ये सुनके पगली ही ही तु घायल कर दिया तेरे हुस्न का जादू, जो आंखों में बसा, इस दिल को अब ना समझा, ये तो तुझमें है खोया। ये सुन पगली, ये सुन पगली तूने घायल कर दिया, तेरे प्यार की आदत सी, दिल ने क्यों ये लिया? तेरी हंसी का जादू, रातों में जागता है, तेरे बिन ये दिल मेरा, अब तन्हा सा लगता है। तू है मेरी दीवानी, मैं तेरा आशिक हूं, संग तेरे जो पल बिताऊं, वो ही मेरा जहां है। ये सुन पगली, ये सुन पगली तूने घायल कर दिया, तेरे प्यार की आदत सी, दिल ने क्यों ये लिया? दिल की धड़कन में बसी है तू, तेरी यादों में खोया हूं, तू ही मेरी मंज़िल है, अब तेरे बिना कुछ भी नहीं। ओ सुन ले पगली, ये सुन पगली तूने घायल कर दिया, तेरे प्यार की आदत सी, दिल ने क्यों ये लिया? तू घायल कर, घायल कर, तेरी आदाओं ने किया असर, अब तू ही है, तुझसे है, मेरा दिल, मेरा सफर। ये सुन पगली ये सुन पगली तु घायल कर दिया तू घायल कर दिया

गुरुवार, 5 सितंबर 2024

माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम

माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम माता पिता, प्रथम गुरु हमारे, जीवन के हर मोड़ के सितारे। उनकी छांव में हम बड़े हुए, सपनों के संग पंख लगे हुए। जो दिया उन्होंने ज्ञान का दीप, राह में अंधेरा कभी न घेर सके। उनकी ममता और उनका प्यार, जीवन में सुख का हो आध माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम, उनके बिना नहीं कोई काम। जीवन के हर संघर्ष में, उनका आशीर्वाद सदा रहे संग। पिता के पसीने की मेहनत का फल, माँ के आँचल में है सुख और पल। उनकी दुआओं से ही सब है सरल, उनसे ही हर सपना होता सफल। धूप हो या छाँव, उनका साथ, जैसे हर पल एक नई सौगात। जो भी मिले जीवन में खुशी, उनकी है मेहनत, उनका आशीर्वाद सही। माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम, उनके बिना नहीं कोई काम। जीवन के हर संघर्ष में, उनका आशीर्वाद सदा रहे संग। उनके आशीर्वाद से हों हम सफल, जीवन में कभी न हो कोई विफल। उनकी सीख से मिले हमें राह, हर मुश्किल में मिले उनकी छांव। सचाई, प्रेम, और धर्म का पाठ, माता पिता ने हमें सिखाया साथ। हम नतमस्तक उनके चरणों में, उनकी कृपा सदा रहे जीवन में। माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम, उनके बिना नहीं कोई काम। जीवन के हर संघर्ष में, उनका आशीर्वाद सदा रहे संग।

बुधवार, 4 सितंबर 2024

भांजियां खा ल आबे टूरी रे हमर होटल म

भांजियां खा ल आबे टूरी रे हमर होटल म** भांजियां खा ल आबे टूरी रे हमर होटल म, कइथे हमर दिल के टूरा होगे लोटल म। मनभर के खा लेबे भांजी रे इहाँ, साग-भाजी संग पिएबे रोटी के संग। सुघ्घर महुआ पीबे, गजब के रस होही, चटनी के संग, सुखा मिर्च के बस होही। टूरी रे, टूरा संग नाच-गाना होही, बाजत बाजा म, खुस हो जाबो रे संग। ओ भईया रे, अउ का चाही तोर संग, भांजियां खा ल आबे, मन म उरर हो जाही। गावं भर म नाम होही हमर होटल के, टूरी रे, होटल म मारे लगन संगी के। भांजियां खा ल आबे टूरी रे हमर होटल म, कइथे हमर दिल के टूरा होगे लोटल म।

मंगलवार, 3 सितंबर 2024

छत्तीसगढ़ माटी की गूंज

 छत्तीसगढ़ी माटी की गूँज


Verse 1: छत्तीसगढ़ के माटी में बसे हैं सपने,
यहां के हर कदम पे मिलते हैं अपने,
धरती पे जैसे अमरित की धारा,
यहां के गीतों में बसी है सादगी की कारा।

Chorus: ओ छत्तीसगढ़ी माटी, तेरा रंग निराला,
तेरी खुशबू में है सारा जहां पाला,
हर दिल में बसती है तेरी कहानी,
तू है हमारे दिल की रानी।

Verse 2: नदियों का पानी मीठा सा लगता,
धान के खेतों में गीत है सजता,
तेंदू पत्ता, महुआ के बागान,
छत्तीसगढ़ की यही है पहचान।

Chorus: ओ छत्तीसगढ़ी माटी, तेरा रंग निराला,
तेरी खुशबू में है सारा जहां पाला,
हर दिल में बसती है तेरी कहानी,
तू है हमारे दिल की रानी।

Bridge: यहां के त्योहार, यहां की रीत,
हर पल में दिखती है अपनेपन की जीत,
नाचा, पंथी, सुआ की थाप,
छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अमिट है ताप।

Chorus: ओ छत्तीसगढ़ी माटी, तेरा रंग निराला,
तेरी खुशबू में है सारा जहां पाला,
हर दिल में बसती है तेरी कहानी,
तू है हमारे दिल की रानी।

Outro: तेरी धरती का रस, तेरी हवा का प्यार,
छत्तीसगढ़ी माटी, तू है सबसे प्यारा उपहार,
सपनों का संसार, यहां का हर घर,
छत्तीसगढ़ की माटी, तुझमें बसा है हमारा घर।

रविवार, 1 सितंबर 2024

चल चल धारा बहाए

 

चल चल धारा बहाए, चलो रे साथी,

सपनों की ये नगरी, अब हमें बुलाए।

राहें हैं नई-नई, मंज़िलों की ओर,

हर कदम पर रंगों की, है छाँव-धूप घोर।

सपनों के परों में, उड़ान है बसा,

चल चल धारा बहाए, वक्त न गवाँ।

चल चल धारा बहाए, चलो रे साथी,

सपनों की ये नगरी, अब हमें बुलाए।

हर पल है सुनहरा, हर सपना जवाँ,

प्यासे दिलों की मिट जाए प्यास यहाँ।

पर्वतों के पार से, आयी है ये पुकार,

चलते जाओ राही, न हो रुकावटें हजार।


चल चल धारा बहाए, चलो रे साथी,

सपनों की ये नगरी, अब हमें बुलाए।


लहरों के संग-संग, बहते जाएं हम,

मन की बातों को, सब कह जाएं हम।

इस सफ़र में साथ चल, न पीछे मुड़ना,

चलते रहना साथी, मंज़िल से मिलना।


चल चल धारा बहाए, चलो रे साथी,

सपनों की ये नगरी, अब हमें बुलाए।

शनिवार, 31 अगस्त 2024

गुरुजनों को प्रणाम

     
                  **मेरे गुरु कहते हैं,                                                                                             **मत सोच की तेरा**                         **सपना क्यों पूरा नहीं होता**                                                                                           **हिम्मत वालों का इरादा**                             ** कभी अधूरा नहीं होता**                                                                                             **जिस इंसान के कर्म अच्छे होते हैं**                ** उसके जीवन में कभी अंधेरा नहीं होता **                                                                                                                                                     @@@@@@@@@@@@@                                                                                                                                                    https://youtu.be/Mj51hVWjIwE

शनिवार, 23 मार्च 2024

''आया रे होली आओ खेलें होली'' कविता

""आया रे होली आओ खेलें होली चलो संगी होली खेलें, रंग बिरंगी होली खेलें आया रे होली आओ खेलें होली।"" रंग गुलाल लिये घर से निकली मतवाली टोली रे, ढोल की थाप पे पाँव उठे औ गूँज उठी फिर होली रे
आया रे होली आओ खेलें होली चलो संगी होली खेलें, रंग बिरंगी होली खेलें। जले न भक्त प्रहलाद जल गई होलिका खुदा रसीदह से पाया न पार होली में। अंगना में कई हौज बनवाये, भांति-भांति के रंग घुलाये. पिचकारी भर धूम मचाएं, गली गली में धूम मचाएं। आया रे होली आओ खेलें होली, चलो संगी होली खेलें, रंग बिरंगी होली खेलें।
पिलाओ भांग उनको, फिर नचाओ भांगडा जी भर के। बच्चों के साथ रंग बिरंगे पिचकारी खेलें, पिचकारी के बौछारों से चारो ओर छाई, उमंग खुशियों के सागर में डूबी दुनिया में फैली प्रेम तरंगें। आया रे होली, आओ खेलें होली। चलो संगी होली खेलें, रंग बिरंगी होली खेलें। आया रे होली, आओ खेलें होली।
जय जौहर जय छत्तीसगढ़ जय भारत आपको और आपके परिवारों को होली की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं शुभकामनाएं 🙏🙏🙏