बुधवार, 4 सितंबर 2024
भांजियां खा ल आबे टूरी रे हमर होटल म
भांजियां खा ल आबे टूरी रे हमर होटल म**
भांजियां खा ल आबे टूरी रे हमर होटल म,
कइथे हमर दिल के टूरा होगे लोटल म।
मनभर के खा लेबे भांजी रे इहाँ,
साग-भाजी संग पिएबे रोटी के संग।
सुघ्घर महुआ पीबे, गजब के रस होही,
चटनी के संग, सुखा मिर्च के बस होही।
टूरी रे, टूरा संग नाच-गाना होही,
बाजत बाजा म, खुस हो जाबो रे संग।
ओ भईया रे, अउ का चाही तोर संग,
भांजियां खा ल आबे, मन म उरर हो जाही।
गावं भर म नाम होही हमर होटल के,
टूरी रे, होटल म मारे लगन संगी के।
भांजियां खा ल आबे टूरी रे हमर होटल म,
कइथे हमर दिल के टूरा होगे लोटल म।
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