गुरुवार, 5 सितंबर 2024

माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम

माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम माता पिता, प्रथम गुरु हमारे, जीवन के हर मोड़ के सितारे। उनकी छांव में हम बड़े हुए, सपनों के संग पंख लगे हुए। जो दिया उन्होंने ज्ञान का दीप, राह में अंधेरा कभी न घेर सके। उनकी ममता और उनका प्यार, जीवन में सुख का हो आध माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम, उनके बिना नहीं कोई काम। जीवन के हर संघर्ष में, उनका आशीर्वाद सदा रहे संग। पिता के पसीने की मेहनत का फल, माँ के आँचल में है सुख और पल। उनकी दुआओं से ही सब है सरल, उनसे ही हर सपना होता सफल। धूप हो या छाँव, उनका साथ, जैसे हर पल एक नई सौगात। जो भी मिले जीवन में खुशी, उनकी है मेहनत, उनका आशीर्वाद सही। माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम, उनके बिना नहीं कोई काम। जीवन के हर संघर्ष में, उनका आशीर्वाद सदा रहे संग। उनके आशीर्वाद से हों हम सफल, जीवन में कभी न हो कोई विफल। उनकी सीख से मिले हमें राह, हर मुश्किल में मिले उनकी छांव। सचाई, प्रेम, और धर्म का पाठ, माता पिता ने हमें सिखाया साथ। हम नतमस्तक उनके चरणों में, उनकी कृपा सदा रहे जीवन में। माता पिता प्रथम गुरु को प्रणाम, उनके बिना नहीं कोई काम। जीवन के हर संघर्ष में, उनका आशीर्वाद सदा रहे संग।

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